| रविश का गुंडों के भाषा के जवाब में बेहद संयत ट्वीट |
आजकल रविश का फेसबुक और सोशल मिडिया से चले जाना एक राष्ट्रीय मुद्दा बना हुआ है रविश भक्त उनके संग खड़े है, कहाँ खड़े है ? बिस्तर में, टायलेट में या बाथरूम में? ये नहीं पता बस खड़े हैं, एक टांग पे. रविश के भक्ति में वही डूबे है जो विरोधी विचारधारा को मानाने वाले को भक्त कहते है, अजीब है.
रविश कैसे पतरकार है ये मुझे कुछ ख़ास नहीं मालुम, क्योकि उनके किसी भी रिपोर्ट या बहस से देश को कोई फायदा नहीं हुआ है न ही उनसे कोई भी औसत बुध्धि का प्रभावित हो सकता है और विचार धारा बना सकता है, उनसे वही प्रभावित हो सकते है जो पहले से ही भाजपा विरोधी है. टीवी रूम में बैठ के जब विभिन्न पार्टियों के लोग बहस के लिए आते है तो रविश का भाजपा और संघ विरोध साफ़ साफ़ दीखता है, ये क्यों है एक रिसर्च का सब्जेक्ट है. मै ये नहीं कह रहा है की रविश की पार्टी से सहनुभितु करते है या किसी पक्षपात करते है, लेकिन हाँ ये जरुर कहता हु या कोई भी जो उन्हें देखता है उसे मालुम है की भाजपा व संघ के अंध विरोधी जरुर है, एक अजीब किस्म की तल्खी है उनके दिल में न जाने क्यों ? और जब उन्ही के चैनल के बरखा दत्त जैसी पत्रकारों को लोग बाग़ कोंग्रेस के पार्टियों में देख चुके है तो उनके बारे मे क्या धारणाये बनायेंगे कोई भी औसत बुध्धि का ये बात समझ सकता है.
भाजपा के प्रति उनकी तल्ल्खी उनकी घृणा देखने के बाद भी भाजपा और आर एस एस के प्रवक्तावों ने न ही NDTV का विरोध किया न ही इस चैनल का बायकाट किया बल्कि आज भी जाते है और मुस्करा के रविश की कुटिल तल्खी झेलते है, अपने प्रति पक्षपात पूर्ण रवैया जानने के बाद भी.
कुछ दिन पहले ही प्राइम टाइम पे रविश भाजपा के एक प्रवक्ता पे अमन पे इतना झल्ला गए की पुरे देश ने देखा होगा उनकी तल्खी, जब रविश जैसे संजीदा पत्रकार की भाजपा विरोधी तेवर और तल्खी इतनी साफ़ झलकती है की वो अपने आप को टीवी रूम में संयत नहीं रख पाता और मर्यादा तोड़ के चीखने चिल्लाने लगता है, जिसके विरोधी तेवर किसी से छुपे नहीं है, वही सोशल मीडिया पे विरोधियों और उनके समर्थको मर्यादित होने की अपेक्षा रख रहा है जो की उनकी तरह संजीदा पत्रकार तो क्या बहुत तो विद्यार्थी होंगे कुछ दूकानदार और प्रोफेशनल. रविश सोशल मिडिया आपका टीवी रूम नहीं है जहाँ लोग आपके हिसाब से चलेंगे, आपकी लोकप्रियता और तथाकथित उम्दा निष्पक्ष(?) पत्रकारिता किस लेवल की है देश की जनता ने आपको बता ही दिया है जिसके कारण आप भगोड़े हो गए है, सच तो ये है आप उस बदतमीज लड़की ( सिर्फ बदतमीज लड़की ही) की तरह व्यवहार कर रहे जो पहले खुद जा किसी को पकड़ के झगड़ती है उकसाती है, प्रवोक करती है, काँव काँव करती है, लड़ती है, झगड़ती है, लेकिन जब लड़का उसी तरीके से उसको जवाब देना शुरू करता है तो कहती है " तुम्हे लड़की से बात करने की तमीज नहीं ?”
आ जाईये वापिस, आपके जाने से बहुत लोग दुखी है, लोग “रविश के साथ खड़ा हु” टाइप का मुहीम चलाये है, और इनमे जो भी उनमे या तो आपके भक्त जो की बहुत ही कम है, जिनका दिल तोड़ दिया है आपने है, हैं या दुसरे वो जो भाजपा विरोधी या आपियां है, कोंग्रेसी है, इन्ही के समर्थन को आप को आपनी लोकप्रियता मानते है जो की आपका भ्रम है, जबकि आपके पक्ष में खड़ा रहने वालो की सबसे बड़ी जमात भाजपा विरोधी होना है न की आपके भक्तो की संख्या, बात जो भी हो, आपके भक्त आपका इन्तजार कर रहे है, और आपके विरोधी के भक्त भी , कम बैक प्लीज.